मध्यप्रदेश में जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ...

मध्यप्रदेश के आतंक निरोधी विशेष दस्ते ने पंजाब के आरएस पुरा सेक्टर से दो नौजवानों सतविंदर सिंह और दादू को पकड़ा था, जिन्होंने यह खुलासा किया कि मध्यप्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, सतना जैसे कुछ शहरों से पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI का एक बाकायदा पूरा टेलीफोन नेटवर्क चल रहा है.

इसके बाद सतत दो माह की निगरानी करते हुए कल इस टीम ने छः और लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान को भारत के सैनिक अड्डों और संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी भेजते थे. इनके कब्जे से 3000 सिम, एक चीन निर्मित छोटा टेलीफोन एक्सचेंज तथा 200 मोबाईल जब्त किए हैं. युवाओं के इस समूह का सरगना बलराम नामक युवक है जो सभी को पैसे भी पहुंचाता था. इसके अलावा कुश पंडित, जितेन्द्र ठाकुर, रितेश खुल्लर और त्रिलोक सिंह को गिरफ्तार करके पाँच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अभी भी तीन और जासूसों की तलाश जारी है... ATS के प्रमुख संजीव शमी के अनुसार ISI ने भारत के कई शहरों में इस प्रकार के बेरोजगार युवाओं को बरगला कर उन्हें जासूसी के काम में लिया है, सभी युवा अच्छा तकनीकी ज्ञान भी रखते हैं.

मामले का असली पेंच यह है, कि अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इस जासूसी रैकेट के पीछे मध्यप्रदेश के किसी बड़े भाजपा नेता का भाई है, जो भाजपा का ही पदाधिकारी भी है. संभवतः इसीलिए पुलिस फिलहाल सारे नाम उजागर नहीं कर रही है.

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