SBI के बैंकों के आपसी विलय को अंतिम मंजूरी

बुधवार को केन्द्रीय कैबिनेट ने स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया के अन्य पाँच बैंकों को आपस में विलय के लिए हरी झंडी दिखा दी, लेकिन अभी “भारतीय महिला बैंक” (BMB) पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है. सरकार ने इस प्रस्ताव को पहले ही SBI के बोर्ड को भेज दिया था ताकि सम्पूर्ण प्रक्रिया सरलता से पूरी की जा सके. स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ़ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद ने SBI में अपने विलय की मंजूरी दे दी है. 

इस विलय के बाद SBI भारत का तो सबसे बड़ा बैंक हो ही जाएगा, परन्तु विश्व के स्तर पर भी इसकी गिनती बड़े बैंकों में होने लगेगी. इसके आकार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विलय के बाद SBI के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ से ऊपर हो जाएगी, जो कि कई देशों की कुल जनसँख्या से भी अधिक होगा. विलय के पश्चात SBI की चल-अचल संपत्ति लगभग 37 लाख करोड़ रूपए की हो जाएगी, इसके अलावा 22500 शाखाएँ और 58,000 ATM के साथ यह एक विराट बैंक बन जाएगा. उल्लेखनीय है कि स्टेट बैंक ऑफ़ सौराष्ट्र और स्टेट बैंक ऑफ़ इंदौर का विलय पहले ही हो चुका है. यह सारी व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि इस बैंक के संचालन व्यय को कम किया जा सके, अनावश्यक स्टाफ की छंटनी हो सके और बेकार पड़ी अचल संपत्तियों का सही उपयोग किया जा सके.

अब यह सोचिये इतने बड़े बैंक का चेयरमैन बनने के लिए भविष्य में कितनी जबरदस्त राजनीति और उठापटक होगी...

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