अलीगढ़ विवि में अफज़ल-वानी के कैलेण्डर

कुछ दिनों पूर्व फेसबुक पर मैंने एक पोस्ट किया था, जिसमें कश्मीर घाटी में बाँटे जा रहे आपत्तिजनक कैलेण्डर के बारे में पोस्ट किया था. उस कैलेण्डर में आतंकी बुरहान वाणी की तस्वीरों के साथ पाकिस्तान के झंडे लगाए हुए थे और बुरहान को शहीद दर्शाया गया था.

उस समय कुछ लोगों ने कहा था कि वह कैलेण्डर फोटोशॉप है, नकली है. अब अलीगढ़ मुस्लिम विवि में भी लगभग वैसे ही कैलेण्डर पाए गए हैं, जिनमें मकबूल भट, अफज़ल गुरू और बुरहान वाणी की तस्वीरों के साथ कश्मीरी अलगाववादियों के जन्मदिन की तारीखों को विशेष अवकाश के रूप में दर्शाया गया है. ज़ाहिर है कि इस प्रकार के कैलेण्डर लगातार देश के कई हिस्सों में षड्यंत्र पूर्वक पहुँचाए जा रहे हैं.

सेकुलर दलों की चुप्पी तो समझ में आती है, लेकिन केंद्र सरकार जो कि कश्मीर में PDP के साथ सत्ता में है, उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे भड़काऊ कैलेंडर देश में वितरित नहीं होने पाएँ. नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों को पलीता लगाने के लिए कई विघ्नसंतोषी अपने-अपने कामों में लगे हुए हैं, देश की फिज़ां इस समय शांतिपूर्ण बनी हुई है, सुरक्षा एजेंसियों को इन कैलेंडरों की जांच करनी चाहिए, ये कहाँ से आ रहे हैं इसका पता लगना चाहिए, वैसे हमारे देश में खतरनाक अपराधी याकूब के हजारों समर्थक JNU से लेकर मुम्बई तक भरे पड़े हैं.

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