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फर्जी इतिहासकारों और मुगलों के चाटुकारों द्वारा लिखी गई कुछ "कहानियाँ"आजकल बड़ी मात्रा में सोशल मीडिया पर तैर रही हैं, जिसके अनुसार मुगल इतिहास के सबसे क्रूर बादशाह यानी औरंगज़ेब को दयालु, मसीहा वगैरह साबित करने की फूहड़ कोशिश की जाती है.

आजकल अरुण शौरी चर्चा में हैं. जब से उन्होंने NDTV पर पड़े छापों के खिलाफ मोदी सरकार की आलोचना की है और वामपंथियों के साथ एक मंच पर दिखाई दिए हैं, तभी से मोदी समर्थकों द्वारा उनके खिलाफ गालीगलौज और निम्न स्तर की टिप्पणियाँ की जा रही हैं.

इस लेख में यहां कुछ अंश ‘बाबरनामा’ से देना चाहेंगे, जिनसे बाबर के भारत के विषय में विचारों पर अच्छा प्रकाश पड़ता है। मूल सन्दर्भ है "बाबरनामा - अनु रिजवी".

एक संघ प्रचारक श्रीनगर के मशहूर खीर-भवानी मंदिर में दर्शन करने गये. दर्शन के पश्चात् जब वे वहां से लौट रहे थे तो उन्हें हजरत बल दरगाह की जियारत का विचार मन में आया.

आतंकवाद पर कोई बहस या बातचीत आम जन के दिमाग़ को सीधे इस्लाम की तरफ खींच ले जाती है. विश्व व्यापार केन्द्र पर हमले और उसके बाद दो नारों “आंतकवाद के खिलाफ़ जंग”, और "दो सभ्यताओं के बीच टकराव” से ऐसी मानसिकता बनी कि दुनिया भर में आम इंसानों के बीच एक विचार पैठ बनाने लगा कि “सारे मुसलमान आतंकवादी होते हैं”.

भारतीय शास्त्रीय संगीत में हिंदुस्तानी शास्त्राीय संगीत और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की दो धाराओं की तरह प्रवाहित हैं। इनमें कहीं समानता है तो कहीं विविधता है। यह सदियों की संगीत यात्रा का परिणाम है।

मूल लेखक : अनीश गोखले

हम में से अधिकतर को स्मरण होगा कि हमारे विद्यालय समय मे इतिहास विषय के माध्यम से यह बात मन में स्थापित कर दी गई है कि अंग्रेज़ो को सत्ता का हस्तांतरण, सीधे मुगल साम्राज्य से हुआ था|

जैसा कि सर्वविदित है, महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडनवीस के सत्ता में आने से पहले पंद्रह वर्षों तक कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी गठबंधन करके सत्ता में थी. इसी दौरान महाराष्ट्र में एक भीषण घोटाला हुआ था, जो कि शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के नेतृत्व में हुआ था, यानी सिंचाई घोटाला.

आपने अक्सर नास्तिकों, वामपंथियों एवं खुद को प्रगतिशील कहलाने वाले बुद्धिजीवियों के लेखन में भारतीय परम्पराओं एवं धार्मिक क्रियाओं को निरा अंधविश्वास अथवा पाखण्ड इत्यादि कहते सुना होगा. परन्तु वास्तविकता यह है कि प्राचीनकाल में ऋषियों को न केवल मानसून का सटीक ज्ञान था, अपितु उन्हें भूगोल और भौतिकी का भी सम्पूर्ण ज्ञान था.

स्टार प्लस पर "आरम्भ जल्द ही" के नाम से टीवी सीरियल शुरू होने की अपुष्ट सूचना मिली है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस सीरियल में आर्यों और द्रविड़ के मध्य युद्ध दिखाया जायेगा।

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