मिडिल ईस्ट एशिया में कैस्पियन सागर के तट पर बसा हुआ एक देश है अजरबैजान (Azerbaijan), बाकू (Baku) इसकी राजधानी है. यह एक इस्लामिक राष्ट्र है और यहाँ की 95 प्रतिशत से अधिक जनता मुस्लिम मत को मानने वाली है। बाकू शहर अपनी तूफानी हवाओं के लिए भी प्रसिद्ध है यहाँ कभी-कभी तो हवायें इतनी तीव्र गति से चलती हैं कि इसमें मवेशी भेड़-बकरियाँ तक उड़ जाती हैं।

हिन्दू मन्दिरों की लूट के सम्बन्ध में पिछले दो भागों में आपने काफी कुछ पढ़ा.. इस श्रृंखला के पहले भाग को पढने के लिए यहाँ क्लिक करें... और दूसरे भाग को पढने के लिए यहाँ क्लिक करें...

मित्रों... आपने अक्सर कई बार “सेकुलर चर्चाओं” में हिन्दू-मुस्लिम समस्या को लेकर गंगा-जमुनी संस्कृति नामक शब्द सुना होगा. आखिर यह गंगा जमुनी संस्कृति (Ganga Jamuni Culture) है क्या?

भारत जैसे विशाल देश में विधि-व्यवस्था को बनाये रखने हेतु हमारे संविधान ने कानून-व्यवस्था की नींव रखी. देश के वीर जवानों एवं अन्य पैरामिलिट्री फ़ोर्स के उलट, हमारी पुलिस-व्यवस्था का मुख्य कार्य आतंरिक शांति एवं सुरक्षा को बनाये रखना होता है. मगर क्या आपने कभी सोचा है की किसी भी अपराध के छानबीन एवं गुनाहगार तक पहुँचने की यात्रा की शुरुआत आखिर कहाँ से होती है?

राज्य सरकारें एक काले क़ानून (HRCE Act) द्वारा किस प्रकार से मंदिरों के माध्यम से “आधिकारिक और होलसेल” लूट कर रहे हैं, इस बारे में पिछले भाग में आप पढ़ चुके हैं (उस लेख को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें).

हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस की पत्नी श्रीमती अमृता फडनवीस (Amruta Fadnavis) की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं, जिसमें उन्हें किसी रेडियो चैनल के लिए क्रिसमस आयोजनों का आरम्भ करते हुए “सांता क्लाज़” (Santa Claus) का प्रचार करते हुए देखा गया.

अक्सर आपने “बुद्धिपिशाचों” को ये कहते सुना-पढ़ा होगा, कि हिंदुओं में दलितों की स्थिति बहुत खराब है और उनके साथ होने वाले भेदभाव एवं अत्याचारों के कारण वे चर्च के प्रलोभनों (Conversion in Dalits) में आ जाते हैं और धर्म परिवर्तन कर लेते हैं.

तमिलनाडु के तंजावूर में 1000 वर्ष पुराना मंदिर (जिसका निर्माण चोल राजा राजेन्द्र ने करवाया था) अप्रैल 2016 में राज्य सरकार द्वारा ढहा दिया गया, इसके पीछे कारण यह बताया गया कि मंदिर का “नवीनीकरण और विस्तार” किया जाना है.

“तहज़ीबी नर्गीसीयत”…. पाकिस्तान के वरिष्ठ चिंतक, लेखक, शायर मुबारक हैदर (Mubarak Haider) साहब की किताब है। इसका शाब्दिक अर्थ है कल्चरल/सांस्कृतिक नार्सिसिज़्म। बात शुरू करने से पहले आवश्यक है कि जाना जाये कि आखिर नार्सिसिज़्म है क्या?

6 दिसंबर 1992 इतिहास में दर्ज ये एक तारीख मात्र नहीं है, ये हो भी नहीं सकती. अपने आप में इतिहास समेटे है ये दिन, 500 वर्षों का इतिहास. अपने रामलला की जन्मभूमि (Ram Mandir Movement) को स्वतंत्र कराने का इतिहास.