मीट कारोबारी और हवाला के प्रमुख ऑपरेटर मोईन कुरैशी कुछ समय पहले चर्चा में आया था. अब एक नए खुलासे में ज़ाहिर हुआ है कि पूर्व सीबीआई निदेशक एपी सिंह के मोईन कुरैशी से न केवल मधुर सम्बन्ध थे.

दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर के मुँह में पानी लाने वाले लड्डू को खिलाने पर मंदिर ट्रस्ट को 140 करोड़ का प्रतिवर्ष नुक्सान हो रहा है. पिछले तीन वर्ष में यह नुक्सान बढ़ता ही जा रहा है,

विश्वास का महत्व इतना अधिक है कि देखा जाए तो यह संसार विश्वास पर ही निर्भर है| यदि आप किसी पर भी विश्वास नहीं करेंगे तो जीवन न तो सहज होगा, और न ही सम्भव और विश्वास तो अँधा ही होता है| आज हम विज्ञान द्वारा सिद्ध बात को सर्वोपरि मानते हैं|

मोदी, ब्रेग्जिट और ट्रंप के बाद सेकुलरों को चौथा-पाँचवाँ झटका जल्द ही लगने वाला है... यूरोप के नीदरलैंड में मार्च में चुनाव प्रस्तावित हैं. वहाँ की एक पार्टी है “फ्रीडम” पार्टी, जिसके नेता हैं गीर्ट वाइल्डर्स.

‘यत्र नारस्य पूज्यन्ते,रमन्ते तत्र देवता‘ अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं | यह वाक्य जिस देश के शास्त्रों में लिखा हो, उस देश के विषय में जब लोग यह कहने लगें कि इस देश में शुरू से नारियों पर अत्याचार होता आया है...

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने कहा है कि मुस्लिम महिलाओं की सैकड़ों याचिकाओं को देखते हुए जल्दी ही तीन तलाक, हलाला, शरीयत कोर्ट और बहुविवाह जैसे मामलों के संवैधानिक पहलुओं को देखने और इन पर दिशानिर्देश जारी करने के लिए पाँच जजों की एक संवैधानिक पीठ गठित की जाएगी.

उड़ीसा के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल के साथ-साथ काँग्रेस की नींद भी उड़ा दी है. हाल ही में सम्पन्न स्थानीय चुनावों के दो चरणों में 188 जिला परिषदों में से भाजपा ने 71 सीटें जीत ली हैं.

पिछले १० या १५ सालों से “विकास” नाम का शब्द बार बार सुनने में आता है... हर किसी को विकसित होना है. चाहे लोग हो, समाज हो या देश. यह विकास क्या होता है ? यह कभी पता नहीं चल पाया,

3600 करोड़ एक मूर्ति के लिए?? 600 मिलियन डॉलर? देश में इतनी भुखमरी है, सड़कें टूटी हुई हैं, कुपोषण है, ठंढ में लोग मर रहे हैं, किसान आत्महत्या करते हैं, ग़रीबी है, बाढ़ है, सूखा है… फिर ये मूर्ति कितनी ज़रूरी है? सरकार की प्राथमिकताएँ, यानि प्रायोरिटीज़, विचित्र हैं।

आपने मेरा लेख पढ़ा होगा (यहाँ पढ़ें) जिसमें मैंने बताया है कि “सेकुलर रेप” और “साम्प्रदायिक रेप” के बीच क्या अंतर होता है. उसी को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश के रानापुर में एक “सफ़ेद शांतिदूत” यानी पादरी हेनोप अलेग्जेंडर ने एक सैंतीस वर्षीय आदिवासी महिला के साथ बलात्कार कर डाला है.