सिंहल के राजा गंधर्व और रानी चम्पावती के घर एक सुंदर कन्या का जन्म हुआ जिसका नाम रखा गया पद्मिनी. राजकुमारी पद्मिनी नाम के अनुरूप ही कोमल, अत्यंत सुन्दर वर्ण और बुद्धि कौशल में परिपूर्ण कन्या थी.

इंदिरा गांधी ने इस व्यक्ति को देशभक्ति और साहस का पर्याय बताया था, जबकि सी राजगोपालाचारी ने उन्हें शक्ति का प्रतीक। भारत में साम्यवाद के जनक रहे एम एन रॉय उन्हें अपनी प्रेरणा एवं निडर नेता के रूप में मानते थे, तो वहीं एक और साम्यवादी एमपी हिरेन मुखर्जी ने उनके निधन पर लोकसभा में शोकप्रस्ताव रखा.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। सपा और कांग्रेस गठबंधन की ही नहीं तमाम लोगों की सदेच्छा थी कि यह चुनाव काम बोलता है की कसौटी पर हो।

प्रिय गुरमेंहर,

नमस्कार...

पिछले कुछ ही दिनों में तुम्हारी वीडियो पोस्ट और कुछ “मीडिया हाउस”(?) द्वारा तुम्हारा इन्टरव्यू लेने के कारण तुम घर-घर में चर्चा का विषय बन गई हो, मैंने देखा कि तुम “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का झंडा बुलंद कर रही हो और तुमने लिखा है कि तुम्हारे पिता को पाकिस्तान ने नहीं मारा, बल्कि “युद्ध” ने मारा”.

वेटिकन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि ईसाई धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु अर्थात पोप फ्रांसिस ने “दयालु चर्च” की छवि को बरकरार रखने के लिए इटली के एक रेवरेंड माउरो इन्जोली को बाल यौनशोषण के गुनाहों के लिए उसे चर्च से निकालने अथवा कठोर सजा देने की सलाह को ठुकरा दिया है.

क्रांतिकारी वीर सावरकार का स्थान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना ही एक विशेष महत्व रखता है। सावरकर जी पर लगे आरोप भी अद्वितीय थे, और उन्हें मिली सजा भी अद्वितीय थी।

रविवार की तड़के साढ़े तीन बजे पद्मनाभ स्वामी मंदिर के परिसर में भीषण आग लगी हुई देखी गई. एक मंदिर परिसर उत्तरी द्वार के पास में एक गोदाम है, जिसे भारतीय डाक विभाग पार्सल रखने के काम में लेता था और वहीं पर एक पोस्ट ऑफिस भी खोला गया था.

यदि आप किसी से कहें कि गौमूत्र बहुत लाभकारी होता है अथवा देशी गाय से उत्पन्न होने वाले पदार्थ मनुष्य के जीवन एवं स्वास्थ्य के लिए बहुत उत्तम सिद्ध होते हैं, तो इस बात की पूरी संभावना है कि पश्चिम शिक्षित और भारतीय संस्कृति को हे दृष्टि से देखने वाला सामने का व्यक्ति आपको संघी या बाबा रामदेव का चमचा घोषित कर दे.

आज भारत में मीडिया की ख़बरों को यदि देखा जाए, तो लगता है कि भारत में अल्पसंख्यकों पर बहुत अत्याचार होते हैं, तथा हिन्दू उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित करते हैं|

भारतवर्ष विश्व के उन समृद्ध राष्ट्रों में सबसे ऊपर हैं जिनका इतिहास वीरों की गाथाओ से भरा हुआ हैं किन्तु दुर्भाग्य से वर्तमान इतिहास लेखन में ऐसे लोगो की छाप रही हैं जिन्हें भारत से कभी प्रेम नहीं रहा