किसी भी राष्ट्र,समाज में संस्कृति की मूल संवाहक-संरक्षक "स्त्रियां और बालिकाएं, होती हैं, वह संस्कृति को अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करती हैं। स्त्रियाँ भ्रष्ट, संस्कृति नष्ट, फिर तो राष्ट्र स्वाहा. आंतरिक कमजोर दुश्मन इसलिए स्त्रियों-बच्चो पर मौन और गोपनीय आक्रमण करता है। सदैव सजग रहना ही बचाव है. उनका कोमल मन घुसपैठ कर विजय पाने का आसान रास्ता है… -- "कार्लाइल. 

अंग्रेजी नव वर्ष के आगमन के बाद पूरा विश्व नव वर्ष की खुशियां मना रहा था। किंतु कड़ाके की ठंड के बाद भी कश्मीर में गर्मी अचानक बढ़ गई थीI 4 जनवरी 1990 कश्मीर के एक स्थानीय "उर्दू समाचार पत्र आफताब" में कश्मीर के सभी अल्पसंख्यक हिंदुओं एवं सिक्खों को अपना सामान पैक कर कश्मीर छोड़ने के लिए कहा गया था।  पढ़िए 20वीं शताब्दी के सबसे बड़े मुस्लिम अत्याचार अर्थात कश्मीर के बारे में...

अभी कल ही 3700 करोड़ की दैत्याकार ठगी का समाचार पढ़ा. शीर्षक पढ़कर तो लगा कोई बहुत ही धुरन्धर खिलाड़ी रहा होगा जिसने यह "चमत्कार" कर डाला, अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

भारतीय राजनीति के सियासी महाभारत में उत्तर प्रदेश का चुनाव एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। यद्यपि मोदी सरकार के आने के बाद छात्रसंघ चुनावों से लेकर निगम/ पंचायत चुनावों तक भी मोदी लहर को पढ़ने की कोशिश राजनितिक विश्लेषक करते रहे हैं, परंतु वास्तविकता में उत्तर प्रदेश चुनाव को मोदी समेत पूरी भाजपा भी बेहद गंभीरता से ले रही है,

पाकिस्तान, सऊदी अरेबिया और ईरान ..........अगर ट्रम्प अपने कार्यकाल में केवल इन 3 मुल्ला देशों को तबाह कर दे तो उसका सारी दुनिया पे बहुत बड़ा अहसान होगा और इस्लामिक आतंकवाद की जडें उखड़ जायेंगीं और जैसा की महान मराठा योद्धा श्रीमंत बाजीराव पेशवा जी ने सूत्र दिया था की जड़ों पे प्रहार करो फिर पेड़ तथा पत्ते अपने आप गिर जायेंगें. 

संसार के सबसे भयानक नरसंहारों में सबसे बड़े नरसंहार ईसाइयों और इस्लामियों द्वारा हम मूर्तिपूजकों के हैं। जिन्हें उन्होंने चतुर भाषा में पैगन कहा है। इसके बाद ईसाइयों और मुसलमानों द्वारा ही यहूदियों के नरसंहार आते हैं।

शत्रु का शत्रु मित्र होता है इस सिद्धांत से अक्सर "वामी-इलहामी" कंधे से कंधा मिलाकर भारत के राष्ट्रवादीयों को निपटाने में तत्पर दिखाई देते हैं. वामियों को इलहमियों में कोई फासिस्ट प्रवृत्ति नजर नहीं आती, भगवे के अंधे को हरा अच्छा दिखाता होगा शायद.

सभाओं का शौक बचपन से है, जाते रहता हूँ. हाल ही में एक बार पता चला इंद्रेश कुमार जी मुंबई आनेवाले थे, मैं भी गया सभा में. अब बात उन्होने क्या कहा उसकी नहीं, अलग है. भाषणों के बाद कुछ मुस्लिम प्रश्न पूछने के लिए खड़े हुए. बात यहाँ उनके प्रश्नों की करूंगा, हिंदुओं के लिए उसमें सीख है.

यह घटना एक परिचित के साथ घटी थी, जब गृह प्रवेश के वक्त मित्रों ने नए घर की ख़ुशी में उपहार भेंट किए थे। उपहारों को खोलना शुरू किया तो उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं था. एक दो उपहारों को छोड़कर बाकी सभी में लाफिंग बुद्धा, फेंगशुई पिरामिड, चाइनीज़ ड्रेगन, कछुआ, चाइनीस फेंगसुई सिक्के, तीन टांगों वाला मेंढक, और हाथ हिलाती हुई बिल्ली जैसी अटपटी वस्तुएं भी दी गई थी।

आपने एमआईबी (मेन इन ब्लेक) देखी थी?? यह उन फिल्मो में से है जिसे मैं ने सिनेमा हाल जाकर देखी थी। फिर सीडी,डीवीडी,पेन ड्राइव का जमाना बदलता गया। अपने में बहुत नये कलेवर में आया था। 2 जुलाई 1997 को Barry Sonnenfeld द्वारा निर्देशित इस सीरीज की पहली फिल्म आई थी.