पहले यह खबर पढ़िए उसके बाद चर्चा को आगे बढ़ाते हैं. खबर ये है कि तमिलनाडु के कांचीपुरम रेलवे स्टेशन (Kanchipuram Railway Station) पर लगभग पच्चीस युवाओं ने हमला बोला, और मंदिरों के प्रसिद्ध इस शहर के इस रेलवे स्टेशन पर लगी हुई आदि शंकराचार्य की मूर्ती, रामानुज की मूर्ति और स्टेशन पर बनी हुई कांची कामकोटि मंदिर की प्रतिकृति को तोड़फोड़ दिया.

बचपन से लेकर आज तक हमने सैकड़ों हिन्दी/अंगरेजी फ़िल्में देखी होंगी. कई बार फिल्मों में किसी शूटिंग के दृश्य में आपने यह जरूर देखा होगा कि निर्देशक द्वारा, हीरो को “एक्शन” (यानी काम शुरू) बोलने से पहले एक व्यक्ति हीरो के चेहरे के सामने एक लकड़ी का पटिया (What is clapper Board) लेकर खड़ा होता है, जिसमें ऊपर की तरफ एक पतली पट्टी अलग से फिट की हुई होती है.

भारतीय संस्कृति में मंदिरों, कलाकृतियों, मूर्तियों, पेंटिंग्स अथवा भित्तिचित्र (Ancient Indian Architecture) का बहुत महत्त्व है. एक से बढ़कर एक प्राचीन कलाकृतियां एवं मूर्तियाँ भारत में चारों तरफ बिखरी पड़ी हैं.

मिडिल ईस्ट एशिया में कैस्पियन सागर के तट पर बसा हुआ एक देश है अजरबैजान (Azerbaijan), बाकू (Baku) इसकी राजधानी है. यह एक इस्लामिक राष्ट्र है और यहाँ की 95 प्रतिशत से अधिक जनता मुस्लिम मत को मानने वाली है। बाकू शहर अपनी तूफानी हवाओं के लिए भी प्रसिद्ध है यहाँ कभी-कभी तो हवायें इतनी तीव्र गति से चलती हैं कि इसमें मवेशी भेड़-बकरियाँ तक उड़ जाती हैं।

हिन्दू मन्दिरों की लूट के सम्बन्ध में पिछले दो भागों में आपने काफी कुछ पढ़ा.. इस श्रृंखला के पहले भाग को पढने के लिए यहाँ क्लिक करें... और दूसरे भाग को पढने के लिए यहाँ क्लिक करें...

मित्रों... आपने अक्सर कई बार “सेकुलर चर्चाओं” में हिन्दू-मुस्लिम समस्या को लेकर गंगा-जमुनी संस्कृति नामक शब्द सुना होगा. आखिर यह गंगा जमुनी संस्कृति (Ganga Jamuni Culture) है क्या?

भारत जैसे विशाल देश में विधि-व्यवस्था को बनाये रखने हेतु हमारे संविधान ने कानून-व्यवस्था की नींव रखी. देश के वीर जवानों एवं अन्य पैरामिलिट्री फ़ोर्स के उलट, हमारी पुलिस-व्यवस्था का मुख्य कार्य आतंरिक शांति एवं सुरक्षा को बनाये रखना होता है. मगर क्या आपने कभी सोचा है की किसी भी अपराध के छानबीन एवं गुनाहगार तक पहुँचने की यात्रा की शुरुआत आखिर कहाँ से होती है?

राज्य सरकारें एक काले क़ानून (HRCE Act) द्वारा किस प्रकार से मंदिरों के माध्यम से “आधिकारिक और होलसेल” लूट कर रहे हैं, इस बारे में पिछले भाग में आप पढ़ चुके हैं (उस लेख को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें).

हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस की पत्नी श्रीमती अमृता फडनवीस (Amruta Fadnavis) की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं, जिसमें उन्हें किसी रेडियो चैनल के लिए क्रिसमस आयोजनों का आरम्भ करते हुए “सांता क्लाज़” (Santa Claus) का प्रचार करते हुए देखा गया.

अक्सर आपने “बुद्धिपिशाचों” को ये कहते सुना-पढ़ा होगा, कि हिंदुओं में दलितों की स्थिति बहुत खराब है और उनके साथ होने वाले भेदभाव एवं अत्याचारों के कारण वे चर्च के प्रलोभनों (Conversion in Dalits) में आ जाते हैं और धर्म परिवर्तन कर लेते हैं.

न्यूज़ लैटर के लिए साइन अप करें