22-23 सितम्बर 1918 को हाईफा का युद्ध मानव इतिहास के सबसे बड़े युद्धों में से एक है. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जोधपुर और मैसूर के महाराजाओं द्वारा भेजे गए भारतीय सैनिकों ने बड़ी संख्या में इजराईल (पश्चिम एशिया) में अपने जीवन का बलिदान दिया. भारतीय वीरों ने तुर्की, जर्मनी और ऑस्ट्रिया की संयुक्त सेनाओं को पराजित किया था

होली के डांडे गढ़ चुके हैं... महीने भर बाद इंदौर में छोटी-बड़ी 20 हजार से ज्यादा होलियां जलेंगी। इस दिन यदि लकड़ियों के बजाय गोबर के कंडों की होली जलाई जाए तो शहर की 150 गौशालाओं में पल रही लगभग 50 हजार गाएं अपना सालभर का खर्च खुद निकाल लेंगी।

आंध्रप्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि वह रोहित वेमुला के “दलित” होने संबंधी नकली सर्टिफिकेट को रद्द करने जा रही है, तथा अब रोहित वेमुला को “OBC” का सही सर्टिफिकेट दिया जाएगा.

दारुल उलूम देवबंद और तबलीगी जमात के बीच का झगड़ा गंभीर स्वरूप लेता जा रहा है. जमात से सम्बन्धित मौलाना अबू अरशद कान्धलवी ने दारुल उलूम देवबंद पर करोड़ों रूपए के घोटाले का आरोप लगाया है.

अंततः सरकार ने एक और कठोर कदम उठाने का फैसला कर ही लिया है. जैसा कि सभी को ज्ञात है भारत में विश्वविद्यालयों के लिए एक नियामक संस्था है, जिसका नाम है UGC, अर्थात विश्वविद्यालय अनुदान आयोग. इसका बजट दस हजार करोड़ रूपए से अधिक है.

जैसा कि सभी जानते हैं वामपंथ का घोष वाक्य है “सत्ता बन्दूक की नली से निकलती है”. वामपंथ का कभी भी लोकतंत्र, लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं, पद्धतियों, न्यायालयों अथवा चर्चाओं पर भरोसा नहीं रहा है. भारत के बंगाल में ज्योति बसु नामक व्यक्ति ने वामपंथ को बंगाल में ऊँचाईयों तक पहुंचाया और अपनी कुख्यात हिंसा और हिंसक कार्यकर्ताओं के सहारे तीस वर्ष तक बंगाल में शासन किया.

यदि राजा के हाथ में दण्ड (डंडा) है तो समाज के दुष्ट और अत्याचारी लोग अपनी असामाजिक गतिविधियों के प्रति शांत रहते हैं। किंतु यदि राजा देश की बहुसंख्यक जनसंख्या के साथ घृणित उपहास करते हुए कुछ लोगों की तुष्टि हेतु बहुसंख्यकों के हितों से समझौता करता है, अथवा उनकी उपेक्षा करता है तो राष्ट्र विनाश के भंवर जाल में फंस जाया करता है जैसा कि आज भारत में हो भी रहा है।

राजा जैनुल और श्रीभट्ट की समादरणीय जोड़ी जब कश्मीर में दो विपरीत दिशाओं में बहती सरिताओं-हिंदुत्व और इस्लाम को एक दिशा देने का अदभुत और प्रशंसनीय कार्य कर रही थी, तभी कहीं ‘शैतान’ उन अनोखे और प्रशंसनीय कार्यों को नष्ट करने के लिए उनकी जड़ों में मट्ठा डालने का कार्य भी कर रहा था। इस शैतान का उल्लेख इस्लामिक साहित्य में अक्सर मिलता है।

कोलकाता से 250 किमी दूर बीरभूम जिले में एक क़स्बा है, जिसका नाम है मोरग्राम. आज से बीस-पच्चीस वर्ष पहले यह क़स्बा चारों तरफ हरे-भरे धान के खेतों से महकता था, और इस गाँव में लगभग 280 हिन्दू परिवार रहते थे, जबकि मुस्लिम परिवारों की संख्या केवल 15 थी.

हमने बचपन में अकबर-बीरबल की कई कहानियाँ सूनी-पढी हैं, इन कहानियों में बताया जाता था कि किस प्रकार बीरबल नामक चतुर मंत्री अपने बादशाह अकबर को अपनी चतुराई और बातों से खुश कर देता था.

न्यूज़ लैटर के लिए साइन अप करें