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भारतीय परम्परा में यदि हम धातुकर्म को खोजना चाहें, तो विष्णु पुराण अनुसार ईश्वर निमित्त मात्रा है और वह सृजन होने वाले पदार्थों में है, जहां सृजन हो रहा है, वहीं ईश्वर है।

राँची के पास स्वर्णरेखा और हरमू नदी के संगम के चट्टानों में 21 प्राचीन शिवलिंग मौजूद हैं. नदी के संगम पर स्थित प्राचीन इक्कीसो महादेव आज शहरवासियों की आधुनिकता की अंधी दौड़ की भेंट चढ़ने की कगार पर है।

कुछ ही हफ़्तों पहले सुब्रह्मण्यम स्वामी जी ने पी.चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम के इक्कीस बैंक खातों का पता लगाया था. अब मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में स्वामी ने चिदंबरम के लन्दन स्थित इक्कीस अघोषित बैंक खातों का खुलासा कर दिया है.

जे एन यू, जाधवपुर मे देश विरोधी नारो के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी मे आज़ादी के नारे लगना और आरोपी उमर खालिद वाले कार्यक्रम के रद्द होने के ड्रामे के बाद, अब दिल्ली विश्वविद्यालय के ही पूर्व प्रोफेसर जी.एन.साईबाबा को गडचिरौली सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा सुनाई है|

2014 में प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद देश की जनता को आशा थी, कि शायद गाँधी परिवार के दामाद, अर्थात किसी समय पर मुरादाबाद में पीतल के बर्तन बेचने वाले ईसाई धर्मान्तरित रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कोई कार्यवाही करेगी.

किसी भी देश में लोकतंत्र एक मंदिर के समान होता है। मतदाता जिसके पुजारी होते हैं। चुनाव जिसकी पूजा पद्धति होती है। जनप्रतिनिधि जिसमें ईश्वर के समान होता है। चुनाव का परिणाम जिसमें प्रसाद स्वरूप होता है।

2015 में पुणे में NGOs का एक सम्मेलन हुआ था, उसमें मंच पर उपस्थित 75 वर्षीय सोमभाई नामक व्यक्ति ने जब माईक पर बोलना आरम्भ किया और सामने बैठी जनता को यह परिचय दिया गया कि ये नरेंद्र मोदी के बड़े भाई हैं, तो एक सनसनी, कौतूहल पूरे हॉल में पसर गया.

उत्तरप्रदेश का चुनाव परिणाम लगभग अव्याख्येय है, राजनीतिक विश्लेषक उत्तर प्रदेश के परिणामों को लेकर नई शब्दावली बढ़ने की कश्मकश में है, विपक्ष भौचक्का है, विस्मित है, जनता अपना चमत्कार दिखा चुकी है और मोदी-अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा इतिहास रच चुकी है।

पिछले भाग (यहाँ क्लिक करके पढ़ा जा सकता है) में मैंने पंजाब और गोवा के चुनाव परिणामों का विश्लेषण किया था, क्योंकि वहाँ भाजपा हारी है. जीत का नशा सवार नहीं होना चाहिए, और पहले हमेशा ही हार की तरफ ध्यान देना चाहिए.

अगर आपको नए स्थान पर कभी दिशाभ्रम हुआ होगा, तो एक अनोखी चीज़ पर भी ध्यान जायेगा. चौराहे पर खड़े व्यक्ति को जब दाहिने मुड़ना है या बाएं, यह समझ नहीं आता तो वो सीधा आगे भी बढ़ सकता है. ऐसे में वो अपनी मंजिल से उल्टी दिशा में नहीं जाएगा, लेकिन वो ऐसा करेगा नहीं.

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