भारतीय शास्त्रीय संगीत में हिंदुस्तानी शास्त्राीय संगीत और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की दो धाराओं की तरह प्रवाहित हैं। इनमें कहीं समानता है तो कहीं विविधता है। यह सदियों की संगीत यात्रा का परिणाम है।

मूल लेखक : अनीश गोखले

हम में से अधिकतर को स्मरण होगा कि हमारे विद्यालय समय मे इतिहास विषय के माध्यम से यह बात मन में स्थापित कर दी गई है कि अंग्रेज़ो को सत्ता का हस्तांतरण, सीधे मुगल साम्राज्य से हुआ था|

जैसा कि सर्वविदित है, महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडनवीस के सत्ता में आने से पहले पंद्रह वर्षों तक कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी गठबंधन करके सत्ता में थी. इसी दौरान महाराष्ट्र में एक भीषण घोटाला हुआ था, जो कि शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के नेतृत्व में हुआ था, यानी सिंचाई घोटाला.

आपने अक्सर नास्तिकों, वामपंथियों एवं खुद को प्रगतिशील कहलाने वाले बुद्धिजीवियों के लेखन में भारतीय परम्पराओं एवं धार्मिक क्रियाओं को निरा अंधविश्वास अथवा पाखण्ड इत्यादि कहते सुना होगा. परन्तु वास्तविकता यह है कि प्राचीनकाल में ऋषियों को न केवल मानसून का सटीक ज्ञान था, अपितु उन्हें भूगोल और भौतिकी का भी सम्पूर्ण ज्ञान था.

स्टार प्लस पर "आरम्भ जल्द ही" के नाम से टीवी सीरियल शुरू होने की अपुष्ट सूचना मिली है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस सीरियल में आर्यों और द्रविड़ के मध्य युद्ध दिखाया जायेगा।

मूल लेखक : अरविन्दन नीलकंदन

जिस तरह नई दुल्हन चूड़ी की आवाज़ अधिक करती है, नए नए मुल्ले या पंडित की आवाज़ तेज ही होती है, उसी तरह हाल ही में बुद्धिजीवी होने का एक नया चलन पैदा हो गया है, और वह है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उसके नेताओं के बारे में झूठ फैलाना, झूठा प्रचार करना!

पिछले कुछ वर्षों से उत्तरी भारत में राजनैतिक महत्त्वाकांक्षा और देश तोड़ने की योजना के तहत दलित-मुस्लिम गठजोड़ और इनके बीच तथाकथित सामाजिक समरसता निर्माण करने के खोखले प्रयास चल रहे हैं.

केंद्र सरकार के विरोध में जब IIT चेन्नई में तथाकथित “बीफ़ फेस्टिवल” का आयोजन हुआ और उसके अगले दिन तमाम अखबारों, चैनलों तथा वेबसाईटों पर एक तस्वीर प्रकाशित हुई थी. इस तस्वीर में एक झबरे वालों का कंजर किस्म का अधेड़ व्हील चेयर पर बैठा हुआ दिखाया गया, जिसकी एक आँख सूजी हुई थी.

केरल में सरेआम गाय काटी गई, रिपोर्ट में आया कि भैंस कटी है, फिर आया कि बैल काटा गया है और अंततः कल-परसों तक इस पर चर्चा होगी कि केरल में जो पब्लिक में मुर्ग़ा कटा है उसकी इजाज़त संविधान देता है कि नहीं।

पिछले भाग में हमने देखा कि किस तरह “इस्लाम में जातिवाद नहीं है” का झूठ बोलकर कई मुस्लिम जातियाँ, हिन्दुओं के हिस्से का आरक्षण चट कर रही हैं. सरकारें भी वोट बैंक के चक्कर में हिन्दुओं को एक “अर्धसत्य” बोल-बोलकर बरगलाती रहती हैं कि “मुसलमानों को धार्मिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा”.

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