नारी जाति के विषय में वेदों को लेकर अनेक भ्रांतियां हैं। भारतीय समाज में वेदों पर यह दोषारोपण किया जाता हैं की वेदों के कारण नारी जाति को सती प्रथा, बाल विवाह, देवदासी प्रथा, अशिक्षा, समाज में नीचा स्थान, विधवा का अभिशाप, नवजात कन्या की हत्या आदि अत्याचार हुए हैं।

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‘यत्र नारस्य पूज्यन्ते,रमन्ते तत्र देवता‘ अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं | यह वाक्य जिस देश के शास्त्रों में लिखा हो, उस देश के विषय में जब लोग यह कहने लगें कि इस देश में शुरू से नारियों पर अत्याचार होता आया है...

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