जो लोग घटनाओं पर निगाह बनाए रखते हैं, उन्हें इस बात की जानकारी अवश्य होगी कि कुछ माह पहले किस तरह से तमिलनाडु के थोठुकुदी स्थित भारत के सबसे बड़े तांबा निर्माण उद्योग अर्थात वेदांता समूह के स्टरलाईट इंडस्ट्रीज के सामने मजदूरों का प्रदर्शन हुआ था. यह प्रदर्शन आगे चलकर हिंसक भी हुआ और पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें कुछ मजदूर मारे गए. यह सारा आंदोलन एक वामपंथी NGO द्वारा प्रायोजित था, जिसने “पर्यावरण प्रदूषण” के नाम पर मजदूरों को भड़काया था. याद है ना??

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