बात सन 2005 की है, मुझे पांच छः साल बेसब्र प्रतीक्षा के बाद लैंडलाइन फोन का कनेक्शन मिला था तब तक उत्तराखंड के पहाड़ में मोबाइल फोन नहीं थे, इंटरनेट डाटा तो पूरे देश में दूर की बात थी हम पहाड़ में ब्रॉडबैंड ईमेल आदि भी नहीं जानते थे.

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