(यह लेख मूलतः नितिन श्रीधर ने लिखा है, और इसका हिन्दी अनुवाद अवतंस कुमार ने किया है)

इसके पहले वाले लेख में (उस लेख की लिंक यह है)... हमने दुनियाँ भर के विभिन्न मतों और संस्कृतियों में मासिक-धर्म से जुड़ी मान्यताओं और प्रचलनों पर विचार किया था।

Published in आलेख
न्यूज़ लैटर के लिए साइन अप करें