हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं से आव्हान किया है कि वे “दलितों को अपना वोट बैंक” बनाएँ. असल में उत्तरप्रदेश में जिस प्रकार मायावती अप्रासंगिक होती जा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी पार्टी में कोई मजबूत, देशव्यापी अपील वाला दलित नेता मौजूद नहीं है.

Published in आलेख

भारत में जातीय और धार्मिक विमर्श के तहत दो झूठ आपने अक्सर कई वर्षों से सुने होंगे. पहला झूठ आपने सुना होगा कि “...इस्लाम और ईसाईयत में कोई जातिवाद नहीं है, इस्लाम और ईसाई पंथ के अनुयायियों में कोई भेदभाव नहीं होता..., इसलिए हे दलितों, हमारी तरफ आ जाओ...”

Published in आलेख

तेलंगाना सरकार के दोनों सदनों ने ध्वनिमत से यह प्रस्ताव पारित कर दिया है कि सरकारी नौकरियों तथा शैक्षणिक संस्थाओं में अनुसूचित जनजाति के लोगों का आरक्षण छह प्रतिशत से बढाकर दस प्रतिशत तथा मुस्लिमों के पिछड़े वर्ग का आरक्षण चार प्रतिशत से बढ़ाकर बारह प्रतिशत कर दिया जाएगा.

Published in आलेख