यदि आप सोचते हैं कि फेसबुक पर लिखने से कुछ नहीं होता, तो कुछ मित्रों की इस संघर्ष गाथा को पढ़िए. भारत के वास्तविक इतिहास के साथ रोमिला थापर छाप “नकली इतिहासकारों” (Fake Historians) ने जो कुकर्म किए हैं, उसे बदलने के लिए पिछले साढ़े तीन वर्ष से ललित मिश्रा और CA अनूप कुमार शर्मा के नेतृत्व में कुछ विद्वानों ने एक समूह बनाकर लगातार मोदी सरकार का पीछा किया, और अंततः लम्बे इंतज़ार के बाद इसे हासिल किया.

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मूल लेखक : अनीश गोखले

हम में से अधिकतर को स्मरण होगा कि हमारे विद्यालय समय मे इतिहास विषय के माध्यम से यह बात मन में स्थापित कर दी गई है कि अंग्रेज़ो को सत्ता का हस्तांतरण, सीधे मुगल साम्राज्य से हुआ था|

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