जम्मू-कश्मीर भारत के गले में फँसी हुई वह हड्डी है, जिसे न उगलते बन रहा है ना निगलते बन रहा है. पिछले सत्तर वर्षों में कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन मर्ज़ बढ़ता ही गया, ज्यों-ज्यों दवा की.

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