top left img

अधिकतर लोगों ने कौटिल्य अर्थात चाणक्य के "अर्थशास्त्र" के बारे में केवल सुना ही सुना है, पढ़ा शायद ही किसी ने हो. इस संक्षिप्त लेख में चाणक्य द्वारा लिखे गए सूत्रों, नियमों एवं अनुपालनों को समझाने का प्रयास किया गया है, ताकि दिमाग पर अधिक बोझ भी न पड़े और पूरा कौटिल्य अर्थशास्त्र सरलता से समझ में भी आ जाए.

Published in आलेख
न्यूज़ लैटर के लिए साइन अप करें