पिछले भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह इस्लामी आक्रान्ताओं ने औरतों को बंधक बनाकर, उनके साथ बलात्कार करके तथा एक समुदाय विशेष के लोगों के समक्ष उन ऐशगाहों में स्थित शौचालयों (Toilet System) की सफाई करने अथवा धर्म परिवर्तन करने हेतु दबाव बनाया गया. (पिछला भाग पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें...). इसी इतिहास से जुड़े कुछ और सवाल ऐसे हैं, जो सहज स्वरूप में ही उठते हैं, उन पर भी विचार किया जाना आवश्यक है.

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भारतवर्ष अब शौचालय क्रान्ति (Swachchh Bharat Abhiyan) की ओर नए कदम बढा चुका है. शौचालय हर खास-ओ-आम व्यक्ति के जीवन का अभिन्न और अहम हिस्सा बन चुका है.

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