पैगंबरवासी क्रान्तिकारी हुतात्मा शायर अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ का जन्म उत्तर प्रदेश के शहीदगढ शाहजहाँपुर में रेलवे स्टेशन के पास स्थित कदनखैल जलालनगर मुहल्ले में 22 अक्टूबर 1900 को हुआ था।

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जब भी विनायक दामोदर सावरकर का ज़िक्र आता है, अथवा उनकी जयन्ती/पुण्यतिथि आती है, तो आपने अक्सर देखा होगा कि सावरकर की सभी बातों को दरकिनार करके कुछ निहित स्वार्थी और घटिया तत्व उनके "कथित माफीनामे" को उछालने लगते हैं. चूँकि उनके पास सावरकर की आलोचना करने का कोई और मुद्दा नहीं होता है, इसलिए वे अपनी शर्म छिपाने के लिए इस "नकली मुद्दे" को हवा देते रहते हैं.

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जिन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में रूचि है, उन्होंने चाफेकर बंधुओं का नाम जरूर सुना है. परन्तु चूँकि हमारी पाठ्यपुस्तकों में इन बंधुओं और इनके योगदान को उचित स्थान नहीं मिला है, इसलिए आजकल के युवाओं और बच्चों ने इनके बारे में कुछ नहीं जाना.

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