गुजरात के अहमदाबाद उर्फ कर्णावती (Ahmedabad, Karnavati) शहर में एक जामा मस्जिद है, जिसे भारत के नकली इतिहासकार यह कहकर प्रचारित करते हैं कि इसे 1452 में अहमदशाह ने बनवाया था.

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इतिहास में अभी तक ऐसा कभी नहीं हुआ, जब हिन्दुओं ने अपना धर्मनिरपेक्ष या उदार चेहरा न दिखाया हो। वह हमेशा ही अपनी धार्मिक उदारता के कारण अपनी क्षति करता रहता है। हिन्दुओं ने अपनी उदारता के कारण हमेशा धोखा खाया है, और उसके साथ ही वह चर्च और अरब देशों से संचालित प्रोपोगैंडा का शिकार भी है।

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हिंदू मंदिर सदा से ही समाज तथा भारतीय सभ्यता के केंद्रबिंदु के रूप में स्थापित रहे हैं। मंदिर आध्यात्मिक तथा अन्य धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ विविध प्रकार के समाजोपयोगी गतिविधियों के भी प्रमुख केंद्र रहे हैं।

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव द्वारा तिरुपति मंदिर में पाँच करोड़ का “सरकारी” दान दिए जाने के बाद जैसी कि अपेक्षा थी, सेकुलर और कथित प्रगतिशीलों की बिलकुल वैसी ही प्रतिक्रिया आई है.

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