जिस कूड़े-कचरे (Garbage Management in Cities) को हम लोग अपने घरों से निकालकर बाहर फेंकते हैं, नगरनिगम की गाड़ियों में देते हैं या रद्दी=कूड़ा लेने वाले ठेलेवालों को सस्ते भावों में बेच देते हैं, वह कूड़ा-कचरा या कबाड़ वास्तव में एक करोड़ों रूपए का “शानदार बिजनेस” है...

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