हिन्दू संतों के किसी भी मामले में हमारा कथित रूप से नेशनल लेकिन वास्तव में “नोएडा-गुडगाँव छाप” मीडिया बहुत उतावला रहता है, चाहे मामला आसाराम बापू का हो या फिर असीमानंद का.

Published in आलेख

आपने मेरा लेख पढ़ा होगा (यहाँ पढ़ें) जिसमें मैंने बताया है कि “सेकुलर रेप” और “साम्प्रदायिक रेप” के बीच क्या अंतर होता है. उसी को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश के रानापुर में एक “सफ़ेद शांतिदूत” यानी पादरी हेनोप अलेग्जेंडर ने एक सैंतीस वर्षीय आदिवासी महिला के साथ बलात्कार कर डाला है.

Published in आलेख