जिस समय सारा देश भारत माता के जयगान और वन्दे मातरम के उद्घोषों से गूँज रहा था, उसी समय देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 220 किमी दूर स्थित उत्तर प्रदेश के कासगंज (Kasganj in UP) शहर में चन्दन गुप्ता (Chandan Gupta) नाम का युवक जिसने अपने जीवन में अभी कुछ 19 बसन्त ही देखे होंगे, “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम” (Vandemataram) कहने का मूल्य अपने लहू से चुका रहा था.

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