कुछ माह पहले रवीश कुमार ने एक “तथाकथित” बहस के दौरान यह पूछ लिया था कि “अगर देश में मुसलमानों की संख्या तेजी से बढ़ती भी रहे, तो इसमें दिक्कत क्या है...”. पश्चिम बंगाल में सत्रह जिले मुस्लिम बहुमत जनसँख्या वाले बन चुके हैं, और वहाँ की जमीनी स्थिति जितनी खतरनाक और जेहादी स्वरूप ले चुकी है... रवीश की बात का जवाब उसी में समाहित है.

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कभी भारतीय संस्कृति का प्रतीक माने जाने वाले बंगाल की दशा आज क्या हो चुकी है, ये बात तो किसी से छिपी नहीं है. हिन्दुओं के खिलाफ साम्प्रदायिक दंगे तो पिछले काफी वक़्त से होना शुरू हो चुके हैं और अब तो हालात ये हो चुके हैं कि त्यौहार मनाने तक पर रोक लगाई जानी शुरू हो गयी है.

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