सोडेपुर आश्रम... कलकत्ता के उत्तर में स्थित यह आश्रम वैसे तो शहर के बाहर ही है. यानी कलकत्ता से लगभग आठ-नौ मील की दूरी पर. अत्यंत रमणीय, वृक्षों, पौधों-लताओं से भरापूरा यह सोडेपुर आश्रम, गांधीजी का अत्यधिक पसंदीदा है. जब पिछली बार वे यहां आए थे, तब उन्होंने कहा भी था कि, “यह आश्रम मेरे अत्यंत पसंदीदा साबरमती आश्रम की बराबरी करता है....” 

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