शुक्रवार, 10 अगस्त 2018 21:20

वे पन्द्रह दिन :- १३ अगस्त, १९४७

मुंबई... जुहू हवाई अड्डा..... टाटा एयर सर्विसेज के काउंटर पर आठ-दस महिलाएं खडी है. सभी अनुशासित हैं और उनके चेहरों पर जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है. यह सभी ‘राष्ट्र सेविका समिति’ की सेविकाएं हैं. इनकी प्रमुख संचालिका यानी लक्ष्मीबाई केलकर, अर्थात ‘मौसीजी’, कराची जाने वाली हैं. कराची में जारी अराजकता एवं अव्यवस्था के माहौल में हैदराबाद (सिंध) की एक सेविका ने उनको एक पत्र भेजा है. उस सेविका का नाम है जेठी देवानी. देवानी परिवार सिंध का एक साधारण परिवार है, जो संघ से जुड़ा हुआ है.

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