जौनपुर की जामा मस्जिद, पहले कौन सा मंदिर थी?

Written by मंगलवार, 16 जनवरी 2018 13:52

बाहर से आए इस्लामिक और तुर्क लुटेरों (Islamic Invaders in India) ने भारत के सोमनाथ मंदिर जैसे हजारों मंदिरों को लूटा और ध्वस्त किया है, यह इतिहास कोई नई बात नहीं है.

जो लुटेरे केवल लूटने आए थे, वे मंदिरों से अथाह सम्पत्ति लूटकर भारत से चले गए, लेकिन कई तो ऐसे आए जो यहाँ कब्ज़ा कर बैठे. उन सभी आक्रान्ताओं ने अपना इस्लामिक एजेण्डा इस देश पर थोपा, अत्याचार किए और मंदिरों को गिराया. जिन मंदिरों को वे ढहा नहीं सके, या जिसकी इमारत उन्हें पसंद आ गयी उसे उन्होंने मस्जिद में कन्वर्ट कर दिया, फिर चाहे वह ताजमहल हो या अयोध्या का बाबरी ढाँचा. पुरातात्विक अवशेष स्पष्टता से दर्शाते हैं कि इन प्राचीन मंदिरों की वास्तुकला इतनी समृद्ध थी कि बाहर से आए इन आक्रान्ताओं की आँखें चकाचौंध हो जाती थीं. 

 

Atala Masjid Jaunpur

जिन हजारों मंदिरों पर अतिक्रमण करके उसे बड़ी बेशर्मी से “मस्जिद” कहा गया, उन्हीं में से एक है जौनपुर की जामा मस्जिद (Jaunpur Jama Masjid), जो कि वास्तव में अतला देवी (Atla Devi temple Jaunpur) का भव्य और विशाल मंदिर था. अतला देवी के इस मंदिर को फ़िरोजशाह तुगलक के भाई इब्राहीम नईब बर्बक (1351-1388) ने ढहाया. यह मंदिर सन 1364 में ध्वस्त करने की शुरुआत हुई, लेकिन इसकी मजबूती और सुन्दरता इतनी अधिक थी, कि इब्राहीम बर्बक केवल बाहरी हिस्सा तोड़कर ही प्रसन्न हो गया और उसने 1377 में इसे एक मस्जिद का स्वरूप देकर नया निर्माण कार्य शुरू किया जो कि सन 1408 तक चला, लेकिन इस “कथित मस्जिद” के अन्दर प्रवेश करते ही दो मिनट में पता चल जाता है कि हिन्दू वास्तु शैली के स्तंभों और मूर्तिकला को छिपाना असंभव है.

 

Atala Masjid pillared hall

(किसी मस्जिद में नमाज पढने के हॉल में ऐसे स्तम्भ कभी देखे हैं?)

 

Atala Mosque Inside

(मस्जिद के अन्दर इन स्तंभों पर की गयी वास्तुकारी को केवल छूकर कोई अँधा भी बता सकता है, कि ये पहले मंदिर था)

जौनपुर की जामा मस्जिद, (जिसे अतला मस्जिद भी कहा जाता है) यहाँ से ढाई किमी दूर है, जबकि जफराबाद से सात किमी की दूरी है. जौनपुर जिले के गजेटियर (जिसे अंग्रेज कलेक्टर एच.आर.नेविल ने लिखा) में इस मंदिर को ध्वस्त करने और इस इमारत को मस्जिद का रूप देने के बारे में उल्लेख किया गया है. इस गजेटियर में इसका भी उल्लेख है कि राजा विजयचंद्र ने अतला देवी का मंदिर बनवाया था. इस मंदिर के ध्वस्त होने और इस पर मस्जिद के काबिज होने के पश्चात अतला देवी की पूजा लगभग बंद ही हो गयी. इसी मस्जिद के पास एक और मस्जिद है, जिसका नाम है झाँझरी मस्जिद, इसे भी तुगलक ने बनवाया था.

 

Jaunpur Jhanjhri

(झाँझरी मस्जिद, जौनपुर)

अतला देवी के इस मंदिर में जो केन्द्रीय गुम्बज है वह लगभग 17 मीटर ऊंचाई का है, लेकिन यह बाहर से दिखाई नहीं देता, क्योंकि इसके सामने ही 23 मीटर ऊंचा एक टावर भी निर्मित है. इसके अलावा हिन्दू स्थापत्य शैली के ढेरों स्तम्भ, दो मंजिला भव्य मंदिर के नक्काशीदार दरवाजे साफ़ बताते हैं कि यह कथित जामा मस्जिद कुछ और नहीं बल्कि एक भव्य और विशाल मंदिर ही था, जिसे आक्रमणकारियों तथा अत्याचारियों ने जबरन मस्जिद बना डाला. सिकंदर लोधी ने भी इस ध्वस्त करने का प्रयास किया था... फिर गोमती नदी की लगातार आने वाली बाढ़ ने इस इमारत को अधिक नुक्सान पहुँचाया. भारत में ऐसी कम से कम चार हजार इमारतें हैं, जिन्हें मंदिर से बदलकर मस्जिद बना लिया गया. 

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१) महारानी पद्मिनी, असली-नकली इतिहासकारों की निगाह में... :- http://desicnn.com/news/maharani-padmini-of-mewar-rajasthan-has-great-legacy-and-history-which-is-distorted-by-pseudo-historians 

२) पाठ्यक्रम से बाहर वाला क्रूर जलालुद्दीन अकबर... :- http://desicnn.com/news/mohammed-jalaluddin-akbar-was-tyrant-cruel-murderer-and-pure-islamic-king 

३) औरंगजेब को दयालु साबित करने की फूहड़ कोशिश... :- http://desicnn.com/news/aurangzeb-the-most-cruel-and-anti-hindu-mughal-king-who-demolished-kashi-vishwanath 

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