डॉक्टर स्वामी ने चिदंबरम के गुप्त बैंक खाते उजागर किए...

Written by शुक्रवार, 17 मार्च 2017 07:39

कुछ ही हफ़्तों पहले सुब्रह्मण्यम स्वामी जी ने पी.चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम के इक्कीस बैंक खातों का पता लगाया था. अब मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में स्वामी ने चिदंबरम के लन्दन स्थित इक्कीस अघोषित बैंक खातों का खुलासा कर दिया है.

डॉक्टर स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से त्वरित कदम उठाने की मांग करते हुए सात पृष्ठों का एक पत्र उन्हें भेजा है, जिसमें CBI और ED द्वारा चिदंबरम की लगभग 10,000 करोड़ की संपत्ति की जांच करने हेतु आग्रह किया है. 

डॉक्टर स्वामी ने आयकर विभाग के ही दस्तावेजों को उजागर करते हुए बताया कि चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम और बहू श्रीनिधि ने 2008 में कैम्ब्रिज शहर में एक बड़ी प्रॉपर्टी खरीदी है. दस्तावेजों के अनुसार कैम्ब्रिज में 5, होलबेन क्लोज़ नामक पते पर यह विशाल बंगला स्थित है. यह बंगला एडमंड सूली और हीथर होल्ट नामक व्यक्तियों के माध्यम से खरीदा गया है जबकि इस सौदे के लिए जो पैसा दिया गया, वह कार्ति चिदंबरम के लन्दन मेट्रो बैंक के व्यक्तिगत बैंक खाते क्रमांक 16714313 से भुगतान किया गया है. आयकर विभाग में चिदंबरम ने यह जानकारी पिछले आठ साल से कभी नहीं घोषित की है, ना ही इस बंगले का उल्लेख चिदंबरम ने लोकसभा/राज्यसभा के आय संबंधी शपथ पत्रों में किया. इसके अलावा डॉक्टर स्वामी ने रूस की नाज्प्रोम बैंक और कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) की कंपनी एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टेंट्स प्रा.लि. के बीच हुए एक समझौते के कागज़ भी दिखाए. इस समझौते के अनुसार कार्ति की कंपनी रूस की बैंक से उन सभी सौदों में पाँच प्रतिशत कमीशन लगी जो इन्डियन ओवरसीज़ बैंक के माध्यम से किए जाएँगे. यह समझौता उस समय हुआ था, जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे. कार्ति की कंपनी ASCPL को जिन कंपनियों ने बड़ी मात्रा में भुगतान किया है, उनमें क्लैरिस लाईफ साईंसेस, INX मीडिया और डायगो स्कॉटलैंड लिमिटेड भी है, जिसने विजय माल्या की कम्पनियों का अधिग्रहण किया है. आयकर विभाग को अपनी जानकारियों के बारे में बताते हुए डॉक्टर स्वामी ने चिदंबरम से तत्काल पूछताछ की मांग की है. 

वास्तव में डॉक्टर सुब्रह्मण्यम स्वामी नामक इस व्यक्ति की ऊर्जा और उत्साह की जितनी तारीफ की जाए वह कम है. आश्चर्य होता है कि यह व्यक्ति कैसे लगातार इतने वर्षों तक “अकेले” ही भारतीय राजनीति के बड़े-बड़े नामों का जीना हराम किए हुए है. हिंदुत्व से सम्बंधित इस्लामिक बैंकिंग को रोकना हो, या रामसेतु के मुद्दे पर करूणानिधि को नाकों चने चबवाने हों अथवा नेशनल हेराल्ड मामला हो सभी में सुब्रह्मण्यम स्वामी की महत्त्वपूर्ण भूमिका दिखाई देती है. सबसे बड़ी बात यह है कि स्वामी, केजरीवाल की तरह केवल झूठे आरोप लगाकर भागते नहीं हैं, बल्कि अधिकाँश मामलों को कानूनी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट तक ले जाते हैं. काश भाजपा में चार-छः लोग भी डॉक्टर स्वामी जैसे होते...!!! ये बात और है कि केंद्र सरकार इस मामले में भी कुछ करेगी नहीं... 

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