हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं से आव्हान किया है कि वे “दलितों को अपना वोट बैंक” बनाएँ. असल में उत्तरप्रदेश में जिस प्रकार मायावती अप्रासंगिक होती जा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी पार्टी में कोई मजबूत, देशव्यापी अपील वाला दलित नेता मौजूद नहीं है.

स्मरण करने का प्रयास कीजिए, कि आपने पिछले दस वर्षों में हिन्दी फिल्मों में कितने भजन गीत देखे या सुने हैं? मस्तिष्क पर ज़ोर लगाना पड़ेगा ना!!! अच्छा उसे छोड़िये, यह याद करने का प्रयास कीजिये कि पिछले दस वर्षों में हिन्दी फिल्मों में आपने जन्माष्टमी, रामनवमी, महाशिवरात्रि से सम्बंधित कितने गीत सुने हैं??

72 वर्षीय बुज़ुर्ग मेहता जी इस बात को लेकर भौंचक और दुखी थे कि उनके द्वारा जीवन भर मेहनत करके कमाई गयी पूँजी अर्थात फिक्स्ड डिपोजिट (सावधि जमा) पर बैंकों ने ब्याज दर और घटा दी है.

कुछ दिनों पहले तमिलनाडु में (जहाँ कि ब्राह्मण विद्वेष अपने चरम पर है), पेरियार के चेलों ने एक नया तमाशा रचा था। वैसे तो पहले भी इन “विकृत मानसिकता वाले” लोगों ने सेलम, तमिलनाडु में ही भगवान राम की प्रतिमा को जूते की माला पहनाकर उनका जुलुस निकाला था।

गणेशोत्सव जैसा ऊर्जावान और रंगीला त्यौहार बस कुछ ही दिनों दूर है. हम लोगों ने बचपन से अपनी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ा है कि अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अर्थात बाल गंगाधर लोकमान्य तिलक जी ने अंग्रजों से मुकाबला करने हेतु देश की जनता को एकत्रित करने के उद्देश्य से गणेशोत्सव को “सार्वजनिक” बनाने की पहल की और सबसे पहले 1893 में पुणे में तिलक ने दस दिवसीय गणेशोत्सव मनाने की शुरुआत की.

इस समय भारत की शासकीय एयरलाईन्स अर्थात एयर इण्डिया के विनिवेश की प्रक्रिया जारी है. जैसा कि अब सभी लोग जान गए हैं, पिछले साठ वर्षों में राजनैतिक दलों ने एयर इण्डिया को “दूध दुहने वाली गाय” की तरह इस्तेमाल किया है.

हाल ही में एक मामला मीडिया में काफी चर्चा में रहा है, वह है चंडीगढ़ के दो हाई-प्रोफाईल परिवारों के बीच का मामला. मीडिया रिपोर्ट्स, पुलिस के बयानों और चंद स्वनामधन्य विश्लेषकों के मुताबिक़ इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के बेटे ने एक आईएएस अधिकारी की बेटी का पीछा किया, धमकाया, छेड़छाड़ की.

(मूल अंगरेजी लेख के अनुवादक और संकलक :- सुरेश चिपलूनकर)

महाराजा रणजीत सिंह की वंशावली खत्म करने की रानी विक्टोरिया की योजना का खुलासा हुआ है. जैसा कि सभी जानते हैं, पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह का साम्राज्य एक खुशहाल एवं समृद्ध राज्य था.

मराठी में मूल लेखक : संकेत कुलकर्णी 

हिन्दी अनुवाद एवं संकलन : सुरेश चिपलूनकर

भारत की सेना सदैव गर्व करने लायक काम करती रही है. इस सेना ने कई युद्धों में तथा बहुत सी बार शांतिकाल में भी अपनी वीरता और दिलेरी के नए आयाम गढ़े हैं.

जब कोई सेना बुरी तरह हारने लगती है और उसे दुम दबाकर पीछे की तरफ भागना होता है, तब अक्सर वह हारी हुई सेना वापस जाते-जाते अपनी खीझ और क्रोध उतारने के लिए लूटपाट, हत्याएँ करती हुई... गाँव उजाडती हुई भागती है.

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