भारत में अंग्रेजी राज - भाग १ : सुन्दरलाल
File Size:
27.44 MB
Date:
18 जनवरी 2017

इस पुस्तक का पहला संस्करण सन 1929 में प्रकाशित हुआ था, जिसकी केवल 2000 प्रतियाँ छापी गईं और जिसे अंग्रेजों ने घर-घर जाकर जब किया था. 1937 में इस पुस्तक से प्रतिबंध हटा और पुनः इसकी दस हजार प्रतियाँ छापी गईं, जो हाथोंहाथ बिक गईं. भारत में अंग्रेजी राज के दमन के किस्से और स्वतंत्रता आंदोलन के समय की कई प्रमुख घटनाओं को इसमें समाहित किया है लेखक श्री सुन्दरलाल जी ने... 

यह पुस्तक मुफ्त एवं मुक्त इंटरनेट वितरण के लिए है, मैं इस ज्ञान को ग्रहण करूँगा एवं दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करूँगा...
 
 
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