भारत की गरीब और अशिक्षित जनता को शिक्षित करने का ठेका अधिकांशतः प्रगतिशील बुद्धिजीवियों ने ले रखा है. समाज से (यानी केवल हिन्दू समाज से) “अंधविश्वास” को मिटाने के नाम पर ऐसे ही एक “प्रगतिशील बुद्धिजीवी” नरेंद्र दाभोलकर साहब ने 1989 में महाराष्ट्र में एक संस्था बनाई थी “अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति” (ANS).

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