सोनू निगम और अजान के मसले पर बोलने से पहले एक भूमिका रखता हूं। कुछ निजी संदर्भ हो जाए। यहां मैं यह बता दूं कि मैंने वर्ष 1997 में बाका़यदा उर्दू भाषा लिखना व पढ़ना सीखी थी। आज भी लिखना व पढ़ना जानता हूं।

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तेलंगाना सरकार के दोनों सदनों ने ध्वनिमत से यह प्रस्ताव पारित कर दिया है कि सरकारी नौकरियों तथा शैक्षणिक संस्थाओं में अनुसूचित जनजाति के लोगों का आरक्षण छह प्रतिशत से बढाकर दस प्रतिशत तथा मुस्लिमों के पिछड़े वर्ग का आरक्षण चार प्रतिशत से बढ़ाकर बारह प्रतिशत कर दिया जाएगा.

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हाल ही में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद भारत यात्रा पर आई थीं, और इस यात्रा का उनका मुख्य उद्देश्य था तीस्ता नदी के जल बँटवारे को लेकर भारत और खासकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत करना एवं समझौते को अंतिम स्वरूप देना.

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यह लेख उस भाषण का एक अंश है, जिसमें Rutger Kortenhost जो कि आयरलैंड के एक स्कूल में संस्कृत के विभाग अध्यक्ष हैं, उन्होंने वहां के पालकों के साथ एक मीटिंग में व्यक्त किए हैं.

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जैसा कि सभी जानते हैं भारत से अलग होने के समय पाकिस्तान में हिन्दुओं की जनसँख्या लगभग बीस प्रतिशत थी. जिस प्रकार यहाँ के कई मुसलमान पाकिस्तान नहीं गए, उसी प्रकार कई हिन्दू भी पाकिस्तान से भारत नहीं आए.

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मध्यप्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) भर्ती घोटाला अभी तक का सबसे बड़ा ऐसा घोटाला माना जा रहा है, जिसमें काँग्रेस और भाजपा की आपसी मिलीभगत तथा नौकरशाही की मनमानी का नंगा नाच अद्वितीय है.

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अभी तक आपने फर्जी समाचारों में यह पढ़ा होगा कि, फलाँ समूह ने अपनी माँगें नहीं मानने के कारण इस्लाम अपनाने की धमकी दी... लेकिन अब चक्र उल्टा घूमने की तैयारी में है...

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सिंगापुर में एक मौलाना हुआ करते थे नल्ला मोहम्मद अब्दुल जमील... “थे” इसलिए लिख रहा हूँ, क्योंकि इनकी “तशरीफ पर चरण-प्रहार” करके सिंगापुर से इन्हें निकाला जा चुका है. क्यों??

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कहते है कि "मानसिक गुलामी, शारीरिक गुलामी से ज्यादा भयावह होती है, क्योंकि शारीरिक गुलामी से केवल एक पीढ़ी... जबकि मानसिक गुलामी से कई पीढियां खत्म हो जाती है।"

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भारतीय सैनिकों की वीरगाथाओं के किस्से तो समूचे विश्व में प्रसिद्ध हैं, लेकिन भारतीय सैनिक एक सनातन धर्म परंपरा के वाहक भी हैं, यह वे गाहे-बगाहे सिद्ध करते रहते हैं.

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