शुक्रवार, 06 जनवरी 2012 17:54

Vote Bank Politics, Supreme Court of India and Masjid Reconstructed

वोट बैंक राजनीति के सामने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की क्या औकात…?

31 जुलाई 2009 को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के पश्चात जस्टिस दलबीर भण्डारी एवं जस्टिस मुकुन्दकम शर्मा ने अपने आदेश में कोलकाता के नज़दीक डायमण्ड हार्बर की एक अदालत के परिसर में स्थित एक मस्जिद को हटाने के आदेश दिये थे। सुप्रीम कोर्ट में आए कागज़ातों के अनुसार यह मस्जिद अवैध पाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को लगभग 2 वर्ष बीत चुके, और एक निश्चित समय सीमा में  मस्जिद को हटाने के निर्देश दिये गये थे। आज की तारीख में डायमण्ड हार्बर स्थित उसी क्रिमिनल कोर्ट के परिसर में उसी स्थान पर पुनः एक मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है…। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियाँ उड़ाते हुए डायमण्ड हार्बर के SDO ने इसके निर्माण की अनुमति दे दी है। इस मामले में दक्षिण 24 परगना जिले के मन्दिर बाजार स्थित राइच मोहल्ले के एक मुस्लिम नेता का हाथ बताया जा रहा है। 

सूत्रों के अनुसार राइच मोहल्ले के इन मुस्लिम नेताओं का क्षेत्र के SDO पर इतना दबाव है कि वे अपनी मनमर्जी के टेण्डर पास करवाकर सिर्फ़ मुस्लिम व्यवसाईयों को ही टेण्डर लेने देते हैं (बिहार के रेत खनन माफ़िया की तरह एक गैंग बनाकर)। राइच मोहल्ला के कुछ मुस्लिमों ने डायमण्ड हार्बर स्थित हाजी बिल्डिंग पारा के तीर्थ कुटीर में चलाये जा रहे “गोपालजी ट्रस्ट” की भूमि पर भी अतिक्रमण कर लिया है, लेकिन SDO के ऑफ़िस में इस हिन्दू संगठन की कोई सुनवाई नहीं हो रही…। राजनैतिक दबाव इसलिए काम नहीं कर सकता, क्योंकि वामपंथी एवं तृणमूल कांग्रेस, दोनों ही मुस्लिम वोटरों को नाराज़ करना नहीं चाहते


पश्चिम बंगाल स्थित संस्था “हिन्दू सम्हति” के कार्यकर्ताओं ने मस्जिद तोड़े जाने तथा उसके पुनः निर्मित किये जाने के वीडियो फ़ुटेज एकत्रित किए हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा ढहाई गई अवैध मस्जिद के स्थान पर ही दूसरी मस्जिद के निर्माण की गतिविधियाँ साफ़ देखी जा सकती हैं। स्थानीय अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस कार्य की अनुमति प्राप्त करने के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत, उच्चाधिकारियों को दी गई है…

(डायमण्ड हार्बर से हिन्दू सम्हति के श्री राज खन्ना की रिपोर्ट पर आधारित…
http://southbengalherald.blogspot.com/2011/12/illegal-mosque-construction-within.html 

=============
चलते-चलते एक निगाह इस खबर पर भी…:-
पश्चिम बंग से ही सटे हुए बांग्लादेश के सिलहट में एक स्कूल के वार्षिकोत्सव के दौरान हिन्दू बच्चों एवं उनके पालकों को जानबूझकर “गौमांस” परोसा गया। भोजन का बहिष्कार करने एवं विरोध प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रबन्धन ने मामला रफ़ा-दफ़ा कर दिया…। उल्लेखनीय है कि इस “अग्रगामी गर्ल्स स्कूल” की स्थापना, ख्यात समाजसेविका देवी चौधरानी ने की थी, परन्तु बांग्लादेश हो या पाकिस्तान, अल्पसंख्यक हिन्दुओं को नीचा दिखाने तथा उनका धार्मिक अपमान करने का कोई मौका गँवाया नहीं जाता…
Published in ब्लॉग