कहावत है की “आधी छोड़, पूरी को धाए, न आधी मिले न पूरी पाए”. अर्थात हाथ में मौजूद आधी रोटी को छोड़कर पूरी रोटी लपकने के चक्कर में हमेशा ऐसा होता है की हाथ में जो आधी रोटी रखी है, वह भी छिन जाती है. जिस समय भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को गोवा में संघ के कार्यकर्ता काले झण्डे दिखा रहे थे, उस समय भाजपा और संघ के कई विचारकों के दिमाग में यही उक्ति कौंधी होगी.

Published in ब्लॉग
शुक्रवार, 02 अक्टूबर 2015 13:01

संघ-भाजपा सहयोग और राजनीति

यदि कोई व्यक्ति यह कहे कि वह दूध में घुली हुई शकर को देख सकता है, या छानकर दोनों को अलग-अलग कर सकता है, तो निश्चित ही या तो वह कोई महात्मा होगा या फिर कोई मूर्ख होगा. इसी प्रकार जब कोई यह कहता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा सरकारों का आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है, संघ एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है और वह किसी भी सरकार के काम में दखलंदाजी नहीं करता, तो बरबस हँसी छूट ही जाती है.

Published in ब्लॉग