Rahul Gandhi, Telangana Agitation and Gopalgarh

Written by गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011 21:37
"रॉल विन्ची" के लिए तेलंगाना से अधिक महत्वपूर्ण है गोपालगढ़… (एक माइक्रो पोस्ट)  

आंध्रप्रदेश, विशेषकर हैदराबाद सहित समूचे तेलंगाना क्षेत्र में पिछले 30 दिनों से आम जनजीवन ठप पड़ा है। उस क्षेत्र में रहने वाले मित्र एवं रिश्तेदार बताते हैं कि स्थिति बहुत ही खराब है, कोई भी सार्वजनिक एवं सरकारी सेवा काम नहीं कर रही, बिजली कटौती 6 घण्टे तक पहुँच गई है (हैदराबाद जैसे "IT" शहर में भी), बस सेवाएं, स्कूल-कॉलेज ठप हैं, सभी सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र कर्मचारी पूरी तरह से तेलंगाना आंदोलन का साथ दे रहे हैं…


इतने लम्बे समय तक आंदोलन को लगभग शांतिपूर्ण बनाये रखने के लिए, इसे एक ऐतिहासिक आंदोलन भी कहा जा सकता है। परन्तु राज्य की इतनी अधिक दुरावस्था के बावजूद अभी दिल्ली में "सिर्फ़ बातचीत" ही चल रही है (यह बातचीत पिछले 40 साल से चल रही है)। चूंकि भाजपा ने इस आंदोलन को सक्रिय समर्थन दे रखा है, सो ज़ाहिर है कि कांग्रेस इस पर कोई सकारात्मक रुख आसानी से नहीं अपनाने वाली।

अब यह परम्परा बन चुकी है कि जिस किसी आंदोलन को (चाहे वह कितना भी वाजिब हो) यदि संघ-भाजपा का समर्थन हो, या तो उसे कुचल दिया जाए, या तो उसे साम्प्रदायिक ठहराकर हाथ झाड़ लिए जाएं, या फ़िर पूरी तरह से अनसुना कर दिया जाए।


कांग्रेस और "भावी प्रधानमंत्री"(???) का गुणगान करने वाले पत्रकार (यानी भाण्ड) जरा बताएं, कि आसाराम बापू के "बबलू" उर्फ़ अच्युतानन्दन के "अमूल बेबी" उर्फ़ "बाबा" उर्फ़ डॉ स्वामी के "रॉल विन्ची" उर्फ़ शरद यादव के "बबुआ" उर्फ़ "भोंदू युवराज"… को पहले गोपालगढ़ का दौरा करना चाहिए था या तेलंगाना का? तथा पिछले एक महीने में कभी आपने उनके "मुखारविन्द" से तेलंगाना मुद्दे पर कोई बयान सुना है? लेकिन युवराज तड़ से गोपालगढ़ जरूर पहुँच गये, वहाँ एक खूंखार अपराधी के साथ बाइक पर घूमे। इसके बाद जैसा कि उनके "गुरु दिग्विजय सिंह" ने आजमगढ़ में किया था, ठीक वैसे ही "विंची" महोदय, सिर्फ़ एक ही "समुदाय" के लोगों से मिले…। परन्तु उन्हें पिछले एक माह से तेलंगाना जाने का समय नहीं मिल पाया है। लानत, लानत, लानत…

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नोट :- यह भी एक "नई और विशिष्ट परम्परा" तैयार हो रही है कि देश के किसी भी महत्वपूर्ण मसले पर "युवराज" द्वारा कोई बयान देना, उनकी "शान के खिलाफ़" माना जाए…
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Super User

 

I am a Blogger, Freelancer and Content writer since 2006. I have been working as journalist from 1992 to 2004 with various Hindi Newspapers. After 2006, I became blogger and freelancer. I have published over 700 articles on this blog and about 300 articles in various magazines, published at Delhi and Mumbai. 


I am a Cyber Cafe owner by occupation and residing at Ujjain (MP) INDIA. I am a English to Hindi and Marathi to Hindi translator also. I have translated Dr. Rajiv Malhotra (US) book named "Being Different" as "विभिन्नता" in Hindi with many websites of Hindi and Marathi and Few articles. 

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