गाय पर निबन्ध (सन २०४०)

Written by मंगलवार, 27 फरवरी 2007 14:53

 

समय तेजी से बदल रहा है । भारतीय संस्कृति व उससे जुडे़ प्रतीक पार्श्व में चले जा रहे हैं । गोवंश धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है... जगह-जगह गौवंश के वध हेतु (Slaughter Houses) बनते जा रहे हैं... ऐसे में आज से तीस-चालीस साल बाद सन २०४०-२०५० में कक्षा दूसरी-तीसरी के बच्चे को "गाय" पर दस वाक्य लिखने को कहा जाये तो वह क्या लिखेगा...


१. गाय एक जानवर होता है, जो गाँव में कहीं-कहीं पाया जाता है ।
२. गाय शहर में नहीं रह सकती, क्योंकि हमारी कालोनी में घास नहीं है ।
३. गाय दूध भी देती है, लेकिन हम दूध "डेरी" से ही लेते हैं ।
४. अमेरिका में लड़के को "गाय" कहते हैं ।
५. मेरी "ग्रैण्डमा" के पास गाँव में गाय थी, हम यहाँ नहीं रख सकते, "लायसेंस" नहीं है ।
६. गाय के गोबर को हम "शिट" कहते हैं ।
७. गाय के दो सींग होते हैं, जो मारने के काम आते हैं ।
८. गाय का चेहरा मेरे दोस्त की "मॉम" से मिलता है ।
९. पुराने जमाने में गाय को माता कहते थे, पता नहीं क्यों ?
१०. "डैड" कहते हैं कि गाय और जंगल बहुत काम के हैं... लेकिन मैने दोनों नहीं देखे ।

Read 805 times Last modified on बुधवार, 25 जनवरी 2017 19:24
Super User

 

I am a Blogger, Freelancer and Content writer since 2006. I have been working as journalist from 1992 to 2004 with various Hindi Newspapers. After 2006, I became blogger and freelancer. I have published over 700 articles on this blog and about 300 articles in various magazines, published at Delhi and Mumbai. 


I am a Cyber Cafe owner by occupation and residing at Ujjain (MP) INDIA. I am a English to Hindi and Marathi to Hindi translator also. I have translated Dr. Rajiv Malhotra (US) book named "Being Different" as "विभिन्नता" in Hindi with many websites of Hindi and Marathi and Few articles. 

www.google.com