A Project - Put Indian Literature, Art, Architecture, History online in Hindi

Written by शनिवार, 09 मार्च 2013 20:56


क्या इस “विराट प्रोजेक्ट” में आप हमारा सहयोग करेंगे???



मित्रों...
शुरुआत मामूली प्रश्नों से करते हैं –

१) क्या आप मानते हैं कि युवाओं में इंटरनेट पर "हिन्दी" में लिखे लेख, पुस्तकें पढ़ने की ललक बढ़ रही है?

२) क्या आप चाहते हैं कि भारतीय संस्कृति, कला, इतिहास, वास्तु, राजनीति इत्यादि पर आधारित प्रमुख पुस्तकें व ख्यात लेखकों के लेख (जो अंगरेजी में हैं), आपको हिन्दी में पढ़ने को मिलें?

३) क्या आप पसंद करेंगे कि हिन्दी में प्रकाशित प्रसिद्ध पुस्तकें, जो इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं हैं, ऐसी पुस्तकें स्कैन करके आपको अपने कंप्यूटर, मोबाईल, किंडल पर पढ़ने को मिलें?

मैं जानता हूँ कि तीनों प्रश्नों का जवाब "हाँ" में ही होगा. अतः इस सम्बन्ध में एक विशाल प्रोजेक्ट में आप सभी मित्रों से "सभी प्रकार के सहयोग" की आकांक्षा है...

जैसा कि आप जानते ही हैं भारत की कला, संस्कृति, इतिहास, वास्तुकला सहित अनेक विषयों को जितना मुगलों और अंग्रेजों ने विकृत नहीं किया था, उससे कहीं अधिक दूषित और विकृत “काले अंग्रेजों” अर्थात नेहरूवादी सेकुलरों और वामपंथियों ने कर दिया है. कई महत्वपूर्ण पुस्तकें, लेख और ऐतिहासिक दस्तावेज़ आम जनता से जानबूझकर षड्यंत्रपूर्वक छिपाकर रखे गए हैं. एक समस्या यह भी है कि इनमें से अधिकाँश लेख और पुस्तकें अंग्रेजी में हैं, हिन्दी में नहीं हैं. इसके अलावा यदि कई पुस्तकें हिन्दी में उपलब्ध भी हैं तो वह प्रकाशित स्वरूप में हैं, इंटरनेट पर डाउनलोड हेतु उपलब्ध नहीं हैं. साथ ही कुछ पुस्तकें व लेख ऐसे भी हैं, जो क्षेत्रीय भाषा में हैं जैसे वीर सावरकर लिखित कुछ साहित्य, गोवा, मैसूर, विजयनगरम इत्यादि के “वास्तविक इतिहास” संबंधी कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज इत्यादि. इन क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य को भी धीरे-धीरे हिन्दी में अनुवाद करके इंटरनेट पर अपलोड किया जाएगा. जो पुस्तकें हिन्दी में तो हैं, परन्तु सिर्फ प्रकाशित हैं इंटरनेट पर नहीं हैं, उन्हें “स्कैन” करके PDF स्वरूप में ई-बुक बनाकर अपलोड कर दिया जाएगा.

मित्रों... संक्षेप में योजना का मूल खाका इस प्रकार है –

कुछ मित्र मिलकर “गैर-लाभकारी संस्था” के रूप में एक फाउन्डेशन का गठन करने जा रहे हैं. यह फाउन्डेशन “दान व आर्थिक सहयोग” की अवधारणा पर काम करेगा. डोनेशन से प्राप्त पूरा पैसा किसी भी लाभकारी कार्य में उपयोग नहीं किया जाएगा. फाउन्डेशन का मुख्य कार्य और उद्देश्य उपरोक्त पुस्तकों, लेखों अथवा दस्तावेजों को अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद करके उसे इंटरनेट पर “मुक्त स्रोत” के रूप में उपलब्ध करवाना है, ताकि युवाओं में इंटरनेट पर हिन्दी पढ़ने की जो ललक बढ़ रही है, उसे देखते हुए उन्हें ऐसी महत्वपूर्ण सामग्री हिन्दी में भी उपलब्ध हो.


मुझे इस फाउन्डेशन के “अवैतनिक मानद निदेशक” का कार्यभार सौंपा जाने वाला है. अतः इस विराट कार्य में आप सभी मित्रों के अधिकाधिक सहयोग की आवश्यकता होगी. फाउन्डेशन के इस सामाजिक कार्य में सबसे बड़ी चुनौती होगी “धन जुटाना”, जबकि दूसरी बड़ी चुनौती है अंग्रेजी से हिन्दी, मराठी से हिन्दी, तमिल से हिन्दी इत्यादि अच्छे अनुवादकों (अथवा टाइपिस्टों) की टीम जुटाना.

फाउन्डेशन के निदेशक के रूप में मेरा काम मुख्यतः यह होगा :- धन जुटाने के लिए समय-समय पर लोगों से मिलना और इस कार्य के उद्देश्यों को उन्हें समझाकर उनसे आर्थिक सहयोग प्राप्त करना, अनुवादकों की टीम के बीच समन्वय और तालमेल बैठाना, अनुवाद की गुणवत्ता जाँचना, देश के विभिन्न क्षेत्रों के पुस्तकालयों का कम से कम एक दौरा करके अनुवाद की जाने वाले साहित्य की प्राथमिकताएं तय करना.

जो भी मित्र इस समाज-कार्य में अपना सहयोग देना चाहते हों, वे मुझसे संपर्क करें. एक सूची तैयार की जा रही है ताकि समुचित कार्य-विभाजन किया जा सके. जो मित्र “स्वयं” आर्थिक सहयोग कर सकते हों उनकी एक सूची, जो मित्र किसी धनपति अथवा दानवीर संस्था के जरिए आर्थिक सहयोग करवा सकते हों उनकी एक सूची, जो मित्र अनुवाद के कार्य में अपना समय “निःशुल्क” दे सकते हों, उनकी अलग सूची, तथा जो मित्र सशुल्क अनुवाद करना चाहते हों उनकी अलग सूची... ऐसा करने से मुझे विभिन्न प्रकार के कार्य विभाजन में मदद मिलेगी. जो मित्रगण सशुल्क कार्य करना चाहते हैं, वे अपनी दरें निःसंकोच होकर बताएं, इसी प्रकार जो मित्र इस प्रोजेक्ट में निःशुल्क सेवा देना चाहते हैं वे भी बिना किसी झिझक या मुलाहिजे के साफ़-साफ़ बताएं कि वे सप्ताह में कितने घंटे इस कार्य के लिए दे सकते हैं, ताकि मुझे समुचित योजना बनाने में आसानी हो.

फिलहाल यह फाउन्डेशन आरंभिक अवस्था अर्थात प्रथम चरण में है, फाउन्डेशन के रजिस्ट्रेशन और नामकरण हेतु आवेदन दिया जा चुका है. इस प्रक्रिया की समस्त कागजी कार्रवाई पूर्ण होने के बाद, इस फाउन्डेशन के बारे में संक्षेप में एक फोल्डर या पैम्फलेट तैयार किया जाएगा, फाउन्डेशन को जो भी नाम मिलेगा उसके प्रतीक चिन्ह का डिजाइन, लेटर-हेड इत्यादि का प्रकाशन होगा. हालांकि इस बीच अनुवाद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, ताकि जैसे ही वेबसाईट का निर्माण हो उस पर सामग्री डालने की शुरुआत की जा सके.

इस दिशा में आरंभिक रुझान बहुत ही उत्साहवर्धक हैं. अर्थात लोगों की दिली इच्छा है कि ऐसा साहित्य, पुस्तकें, लेख व ऐतिहासिक दस्तावेज उन्हें हिन्दी में पढ़ने को मिलें. चूँकि मेरे पास तो सदा की तरह आर्थिक संसाधनों का टोटा है इसलिए इस फाउन्डेशन के गठन और सरकारी प्रक्रिया में जो पैसा लग रहा है, वह एक मित्र दे रहे हैं... इसी प्रकार एक अन्य मित्र उस वेबसाईट को बनाने और सुचारू रूप से चलाने का जिम्मा उठा चुके हैं... एक अन्य मित्र ने कह दिया है कि वे इस फाउन्डेशन के प्रतीक चिन्ह, लेटर-पैड, विजिटिंग कार्ड इत्यादि का डिजाईन कर देंगे...| तात्पर्य यह है कि मेरे जैसे फक्कड़ और मामूली इंसान द्वारा की गई, सिर्फ एक अनुनय-विनय पर ही आरंभिक कार्य के लिए लोगों ने अपनी जेब और अपने संसाधनों से कार्य शुरू कर दिया है. इसी प्रकार मुझे उम्मीद है कि मैं अनुवादकों की टीम जुटाने में भी सफल हो जाऊँगा. साथ ही यदि इस प्रोजेक्ट हेतु धन जुटाने, चंदा मांगने के लिए मुझे किसी के चरणों में माथा भी रखना पड़े तो मैं रखूंगा, क्योंकि यह कार्य मैं अपने लाभ के लिए नहीं कर रहा हूँ, राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने तथा आने वाली युवा पीढ़ी तक भारत के इतिहास, कला-संस्कृति का सटीक ज्ञान “हिन्दी में’ पहुँचाने हेतु कर रहा हूँ.

मित्रों... मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप इस प्रोजेक्ट से जुड़ें और “यथायोग्य” सहयोग करने का प्रयास करें... ईश्वर की इच्छा होगी तो निश्चित रूप से हम भारत के इस समृद्ध ज्ञान को हिन्दी में संजोकर रख सकेंगे, ताकि आने वाले समय में यह एक “सन्दर्भ बिंदु” अथवा विशाल डाटा बैंक के रूप में तैयार हो सके.  
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Super User

 

I am a Blogger, Freelancer and Content writer since 2006. I have been working as journalist from 1992 to 2004 with various Hindi Newspapers. After 2006, I became blogger and freelancer. I have published over 700 articles on this blog and about 300 articles in various magazines, published at Delhi and Mumbai. 


I am a Cyber Cafe owner by occupation and residing at Ujjain (MP) INDIA. I am a English to Hindi and Marathi to Hindi translator also. I have translated Dr. Rajiv Malhotra (US) book named "Being Different" as "विभिन्नता" in Hindi with many websites of Hindi and Marathi and Few articles. 

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